The Worlds Most Advanced Matrimony Site For Gadariya Samaaj Only
सेवा भाव
हम गडरिया समाज के काम करते है जिससे हमारा समाज तरक्की कर सके और आपसी भाईचारा कायम हो तथा सभी एक दुसरे की मदद कर सकें जैसे किसी को घर में कोई प्रयोग होने वाली किसी वस्तु की आवश्कता है और हमारा कोई भाई उसका व्यापर करता है तो हमें पहले उससे संपर्क करना चाहिये जिससे उसके व्यापार की तरक्की हो सके, उसकी मदद हो सके इसके लिए हम थोडा सा प्रयास कर रहें है और हमें उम्मीद है की इस मुहिम मे और भी लोग हमारे साथ जुड़ते रहेंगे जिससे हम अपने समाज की मदद कर सकें हम सभी को आपसी भेद भाव मिटाकर एक दुसरे के लिए helping hand बनना होगा हम इस कार्य को सन 2011 से कर रहे है जब आपको कोई समान या कोई सेवा लेनी ही है तो अपने समाज के लोगो से क्यू नहीं ले , बाहर भी तो आपको पैसे देने है यहाँ भी पैसे देने है फरक बस ये है की हम सब एक दुसरे की मदद करेंगे बाकि समाज मै हर तरह के इन्सान होते है जब भी आप कोई समान या सेवा लेना चाहो तो आँख और कान खुले रख कर पूरी तरह सोच विचार कर आगे बढ़ो जिससे ऐसा न लगे की अपने समाज के व्यक्ति ने तो लूट लिया इस प्रयास कुछ कार्य इस प्रकार हैं अगर आप हमारे साथ जुड़कर समाज में योगदान करना चाहते है तो निःसंकोच संपर्क करें
We're Here for you
पाल सेवा समाज की वेबसाइट पर आपका स्वागत है अपने समाज में उपयुक्वत वर वधू के चयन के लिए हमारा एक छोटा सा प्रयास है जिसमे हम गड़रिया समाज के लोगो से बायोडाटा वेबसाइट द्वारा , केनोपी लगाकर , whatsapp के माध्यम , और अपने यहाँ मुलाकात कार्यक्रम आयोजित कर इकत्र करते है जिससे आप सभी को वर वधू की तलाश में ज्यादा न भटकना पड़े हम हर रविवार को जहा जहा अपना समाज है वहा केनोपी लगाते है जिससे गडरिया समाज के लोग अपने बच्चो के बायोडाटा जमा कर सकें सभी बायोडाटा हम अपनी वेबसाइट , whatsapp चेंनल और टेलीग्राम चेनल पर प्रकाशित करते है जहाँ से आप सब इसे देख सके जो लोग वेबसाइट या इस तरह के app नहीं चला सकते या जो हमसे मिलना चाहते है उनके लिए हर महीने के अन्तिम रविवार को 12 बजे से 4 बजे तक चाय पार्टी का प्रोग्राम रखा जाता है जिससे अपने समाज के लोगो से मिल सके तथा हमारे पास उपलब्ध बायोडाटा से मिलान कराया जा सकें और आने वाले कार्यक्रम की रुपरेखा बनाई जा सकें इस छोटे से प्रयास में आप हमें सहयोग करें जिससे हम इसे और बड़े पैमाने पर कर सकें
अधिवक्ता सुभाष पाल
testimonial